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ऐसे पाएं एयरटेल में,2जीबी बिल्कुल फ्री.

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दोस्तों आप सभी का स्वागत है।और आज मैं आपको बताऊंगा की एयरटेल में 2जीबि देता मुफ्त में कैसे पाएं। तो अगर आप ने अभी तक हमे फ़ॉलो नही किया तो कर लीजिए। तो दोस्तों सबसे आप के पास एक 4जी मोबाइल होना जरूरी है।और 6 महीने पुराना एयरटेल का सिम होना चाहिये। अगर ए सब आपके पास है।तो चलिए मैं बताता हूँ।सबसे पहले आप अपने ऐयरटेल सिम को सिम 1 स्लॉट में दाल दीजिये।अब सेटिंग में जाकर wcdma सलेक्ट कीजिए।और नेटवर्क आने पर अपने मोबाइल से 52122 डायल कीजिए।अब मैसेज आने तक इंतजार कीजिये।अब डेटा चेक करने के लिए *123*11# करके देख सकतें हैं। अगर आपको हमारी दी हुई जानकारी अच्छी लगी तो।हमे अपनी राय कमेंट में जरूर दें।धन्यवाद

PNB 11,500 करोड़ की लूट में मेहुल चौकसी का हिस्सा ज्यादा.....

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       आम जानकारी के मुताबिक नीरव मोदी और उसके मामा मेहुल चौकसी ने एक बार नहीं बल्कि पंजाब नैशनल बैंक को कई बार चूना लगाया. एबीपी न्यूज़ की पड़ताल में जो नई बात निकलकर सामने आई है वो ये है कि फर्जीवाड़े के इस पूरे खेल को मामा-भांजे की ये जोड़ी कैसे अंजाम तक पहुंचाती थी और घोटाले में किसका कितना हिस्सा है. मामा-भांजे की ये जोड़ी बैंक से इसलिए कर्ज लेते थे ताकि पुराना कर्ज लैटाया जा सके. वहीं जिस काम के लिए पैसे लिए जाते थे उस काम में कभी निवेश नहीं किया जाता था.      11,500 करोड़ के घोटाले में किसका कितना हिस्सा जांच एजेंसियों का दावा है कि 11,500 करोड़ के इस महाघोटाले में नीरव मोदी का हिस्सा 48,00 करोड़ रुपयों का है. जबकि गीतांजलि समूह के चेयरमैन मेहुल चौकसी का हिस्सा 6,000 करोड़ रुपयों के भी पार है. ऐसे ही कुछ चौंकाने वाले खुलासे उन बैंक अधिकारियों ने भी किए हैं जो इस पूरे घोटालेबाजी का हिस्सा थे.        अपने हीरों के कारोबार को बढ़ाने के नाम पर मेहुल चौकसी और नीरव मोदी लोन के तौर पर बैंक से मोटी रकम उठाया करते थे. लेकिन अब ...

UC News पर पोस्ट लिखकर पैसे कमाये, जाने कैसे

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नमस्कार दोस्तों स्वागत है आपका smart tech में, दोस्तों अगर आप किसी भी पर कुछ भी लिख सकते हो या आप किसी पर भी कुछ नया लिख सकते हो तो आप इससे बहुत सारे पैसे कमा सकते हो। हम आपको पूरी तरह से समझायेंगे की आपको कैसे क्या क्या करना होगा। 1. सबसे पहले तो आपको UC news की वेबसाइट पर जाना होगा। इस साइट पर आप यहां से जा सकते हो- UC News Website Please Open This In Computer Or Desktop Mode In mobile. 2. इसपे क्लिक करने के बाद आपके सामने एक नयी विंडों खुलेगी जिसमें सबसे नीचे Join Now लिखा हुआ मिलेगा। आपको Join Now पर क्लिक करना है। 3. यहां पर क्लिक करने के बाद आपके सामने एक पूरा फार्म सा आ जायेगा। इसको आपको पूरा भरना होगा। 4. इसके अंदर आपको सब कुछ ठीक से देख कर भरना है। इसमें कुछ गलती ना करें। क्योकिं इसमें आपका जो नाम डाला जायेगा उसी के नाम पर आपकी पेमेंट आयेगी। 5. इस फार्म को भरने के बाद आपको एक मैसेज मिलेगा जिसमें लिखा हुआ मिलेगा की आपका फार्म सबमिट हो गया है और आपको 24 घंटों में मेल मिल जायेगी जब आपका अकाउंट चालू हो जायेगा। 6. जब आपका अकाउंट चालू हो जाये तो...

अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मनुष्य की तरह भावनात्मक रूप में भी काम कर पायेगी

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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का नाम आते ही दिमाग में एक ही बात आती है कि क्या कभी कोई मशीन इंसान की तरह भी सोच सकती है। अभी तक इस क्षेत्र में जितना भी रिसर्च हुआ है, उसे देखकर तो यही लगता है कि आगामी कुछ सालों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मनुष्य की तरह भावनात्मक रूप में भी काम कर पायेगी। एआई एक ऐसा सिस्टम जो रियल टाइम डाटा के अनुसार वर्क करता है। जिसे हम खतरनाक मिशन पर भेज सकते हैं, युद्द में इस्तेमाल कर सकते हैं, रोजमर्रा के काम करवा सकते हैं। लेकिन मशीनों के ज्यादा इस्तेमाल से इंसान खुद को बेकार महसूस करने लग सकता है। इससे कई तरह की सामाजिक समस्याएँ पैदा हो सकती हैं। कॉन्शियस मशीनें विभिन्न प्रकार की कानूनी अड़चनें उत्पन्न कर सकती हैं। ऐसी मशीनें ज्यादा समझदार होने पर मनुष्य के ख़िलाफ बग़ावत भी खड़ी कर सकती हैं। डरावना माहौल पैदा कर सकती हैं। इस तरह के शोध पर कई सवाल खड़े होते हैं, कि इन मशीनों पर कौनसे नियम लागू होंगे, इन्हें किस लेवल तक कॉन्शियस पॉवर दिये जाये, इनकी कंट्रोलिंग और मॉनिटरिंग कौन करेगा। ज्यादातर कंप्यूटर वैज्ञानिक यही सोचते हैं कि चेतना एक अद्भुत विशेषता है जो कि ...

क्या गूगल हमारे दिमाग की जगह ले सकता है?

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आज के जमाने में जब सारी जानकारी और सूचनाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं तो फिर आँकड़ों को याद करने की या सूचना हासिल करने की क्या ज़रूरत है। जवाब सीधा और सरल है, संदर्भ के लिये। प्रसिद्द अमेरिकी पेंटर कैनेथ नोलैंड ने एक बार हार्टफॉर्ड यूनिवर्सिटी में दी गई अपनी स्पीच में कहा था कि मेरे लिये संदर्भ या रेफरेंस वह कुंजी है, जो मुझे हर वस्तु के बारे में सोचने समझने की शक्ति देती है। यह एक कला है, जो आपको जीवन का असल रूप दिखाती है। आपके आस-पास किस क्षेत्र में क्या घटित हो रहा है, उससे आपको रूबरू कराती है। यही वो खूबी है जो इंसान को मशीनों से अलग करती है। इसलिये यह कहना गलत नहीं होगा कि जानकारियों का अद्भुत भंडार गूगल सर्च इंजन इंसानी दिमाग की जगह नहीं ले सकता है। इस तथ्य को तुलनात्मक दृष्टि से देखना बिल्कुल गलत है, क्योंकि यह दोनों स्वतंत्र व्यवस्थाएं हैं। इनके बीच किसी तरह की प्रतियोगिता हो ही नहीं सकती। उदाहरण के लिये गूगल पर किसी भी जानकारी को ढूंढने के लिये कुछ निश्चित प्रश्नों या संकेतो का डाटाबेस गूगल के सर्वर पर स्टोर रहता है। जब भी हम कोई शब्द टाइप करते है, गूगल उससे संबंधित सूचना क...

हम जी रहे हैं काल्पनिक दुनिया में क्या आप भी मानते

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दोस्तों यह सवाल हमारे दिमाग में अक्सर आता रहता है कि इस धरती पर जीवन की शुरुआत कैसे हुई और यह ब्रह्मांड इतनी दूर तक कैसे फैला हुआ है जीवन से यह बताया जाता है कि इस धरती पर जीवन की शुरूआत है भगवान ने की थी भगवान ने हम सब को बनाया है। आज यहां पर हम बात करेंगे कि हम जिस दुनिया में जी रहे हैं वह असली है या काल्पनिक है। या दूसरे शब्दों में कहें तो आप जो आर्टिकल अपने फोन में पढ़ रहे हैं वह असली नहीं है या कहें तो नकली है लेकिन आप उसको देख पा रहे हैं क्योंकि वह फोटो में लिखा हुआ है कभी आपने सोचा है कि इस ब्रम्हांड में जो सब चीजें बनी हुई है वह इतनी अच्छी तरह से क्यों कैसे बनी हुई है जो कि फिजिक्स के ला को फॉलो करते हैं क्यों इस ब्रम्हांड में कभी कोई उत्तल पुथल नहीं होती है। इन सभी सवालों का सीधा सवाल जवाब है सिमुलेशन हाईपरथेमिस जिसकी वजह से हमारी धरती हमारा ब्रह्मांड कितना परफेक्ट है याद भी एक छोटी सी छोटी परमाणु तक यदि आपने मैट्रिक्स मूवी देखी होगी तो हमारा लेख आप को अच्छे से समझ में आ जाएगा। जिसमें यह बताया गया है कि हम लोग कैसे एक प्रोग्राम दुनिया के अंदर रहते हैं। महाभारत में भी अ...

ISRO के सैटेलाइट ने भेजी पहली फोटो.

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भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र (इसरो) ने मंगवार को कार्टोसैट-2 श्रृंखला के अपने उस उपग्रह द्वारा ली गई पहली तस्वीर जारी की जिसे हाल में यहां से 110 किलोमीटर दूर अंतरिक्ष एजेंसी के श्रीहरिकोटा स्पेसपोर्ट से लॉन्च किया गया था. भारत ने इस प्रक्षेपण से अपने 100 उपग्रह अंतरिक्ष में भेजने का कीर्तिमान रचा है. इस उपग्रह ने पहले दिन इंदौर के होलकर स्टेडियम की तस्वीर भेजी है. इस तस्वीर को बंगलुरू मुख्यालय वाले इसरो की वेबसाइट पर जारी किया गया है. इसरो ने शुक्रवार सुबह 9.28 पर पीएसएलवी के जरिए एक साथ 31 उपग्रह को लॉन्च किए. भेजे गए कुल 31 उपग्रहों में से तीन भारतीय हैं और 28 अन्य छह देशों के थे. पृथ्वी अवलोकन के लिए 710 किलोग्राम का कार्टोसेट-2 सीरीज मिशन का प्राथमिक उपग्रह है. इसके अलावा 100 किलोग्राम का माइक्रो और 10 किलोग्राम का नैनो उपग्रह भी शामिल थे. कुल 28 अंतरराष्ट्रीय सह-यात्री उपग्रहों में से 19 अमेरिका, 5 दक्षिण कोरिया और एक-एक कनाडा, फ्रांस, ब्रिटेन और फिनलैंड के थे. बीते साल फरवरी में भारत ने एक साथ 104 उपग्रहों को भेजा था. इनमें अमेरिका के अलावा इजरायल, हॉलैंड...

किम की नई धमकी, कहा

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दुनिया में अपने कारनामों को लेकर बीते वर्ष में छाए रहे किम जोंग उन ने इस वर्ष की शुरूआत में ही दुनिया के बड़े देशों को झटका दे दिया है। हालांकि पिछले वर्ष उन्होंने कभी परमाणु हथियारों का परीक्षण किया तो कभी अमेरिका और जापान पर हमले की धमकियां देकर इन देशों को डराया लेकिन इस बार तो उन्होंने दुनिया को बड़ी धमकी दे दी है। अंतरर्राष्ट्रीय स्तर पर उत्तर कोरिया के खिलाफ भले ही कई तरह के प्रतिबंध लगाए गए हों, लेकिन इसका असर उस पर पड़ता नहीं दिख रहा है। कम से कम उत्तर कोरियाई के किम जोंग उन के बयानों से तो ऐसा ही लगता है। नए साल के मौके पर एक बार फिर किम ने दुनिया को परमाणु हमले की धमकी दी है। देश के नाम संदेश में किम जोंग ने कहा कि मेरी टेबल पर हमेशा ही न्यूक्लियर हथियार का बटन होता है। इतना ही नहीं नए साल पर देश के नाम दिए संदेश में तानाशाह किम ने कहा कि-‘हमें बड़े पैमाने पर परमाणु हथियार और मिसाइल बनाना है और तेजी से उसे देश की सुरक्षा के लिए तैनात भी करना है। उत्तर कोरिया इंटर कॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल के परीक्षण पर ज्यादा जोर दे रहा है। खासतौर पर ऐसी मिसाइलें, जो सीधे अमेरिका तक मा...

डेटा खोए बिना सैमसंग डिवाइस को अनलॉक कैसे करें

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How to enable google asistent

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चीन ने बनाया दुनिया का पहला सोलर हाईवे, बिजली पैदा करेगा; कारें भी होंगी चार्ज

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ईस्टर्न चाइना में शेनडॉन्ग प्रॉविंस की राजधानी जिनान में सोलर हाईवे बनाया गया है। (इमेज-शिन्हुआ न्यूज) बीजिंग. चीन ने दुनिया का पहला सोलर हाईवे बनाया है। एक किलोमीटर लंबा ये हाईवे बिजली बनाएगा, सर्दियों के मौसम में जमी बर्फ को पिघलाएगा। इसके अलावा आने वाले वक्त में ये हाईवे इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को चार्ज भी करेगा। ईस्टर्न चाइना में शेनडॉन्ग प्रॉविंस की राजधानी जिनान में बने इस हाईवे का टेस्ट सेक्शन ट्रैफिक के लिए खोल दिया गया है। सोलर हाईवे की क्या है खासियत? - चीन की सीसीटीवी न्यूज के मुताबिक, सोलर हाईवे तीन लेयर में बनाया गया है। इसमें ट्रैंसलूसंट कॉन्क्रीट, सििलकॉन पैनल्स और इंसुलेशन की लेयर्स हैं। - हाईवे के जरिए एक साल में 10 मिलियन यानी 1 करोड़ किलोवॉट बिजली पैदा की जा सकेगी। - सर्दियों के मौसम में ये जमी हुई बर्फ को पिघलाने के लिए स्नो मेल्टिंग सिस्टम और सोलर स्ट्रीट लाइट्स को भी इलेक्ट्रिसिटी देगा। - चीन की योजना है कि भविष्य में इस हाईवे के जरिए इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को चार्ज किया जाए। इसके लिए हाईवे से पैदा होने वाली बिजली को चार्जिंग स्टेशन को सप्लाई किया जाएगा। कित...

कुछ इस तरह से भारत ने किया SuperSonic मिसाइल का परीक्षण, चौंका पाक

नई दिल्ली। देश ने बीते दिनों इंटरसेप्टर मिसाइल का सफल परीक्षण किया था। यह मिसाइल स्वदेशी रूप से विकसित की गई है। यह सुपरसोनिक मिसाइल कम ऊंचाई से आने वाली किसी भी बैलेस्टिक मिसाल को बीच में मार गिराने में सक्षम है। सुपरसोनिक इंटरसेप्टर का यह इस साल तीसरा परीक्षण था जिसमें देश सफल हुआ। इस परीक्षण में सामने से आ रही धरती के वातावरण के 30 किलोमीटर की ऊंचाई के दायरे में सफलतापूर्व निशाना बनाकर नष्ट किया गया। इससे पहले 11 फरवरी और1 मार्च को दो अन्य परीक्षण किए गए थे। यह परीक्षण बहुस्तरीय बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा प्रणाली का हिस्सा है। भारत की ओर से यह परीक्षण करने के बाद पाकिस्तान की मीडिया में भी हलचल शुरू हो गई। तमाम टीवी चैनलों पर बहसों के दौरान यह प्रमुख मुद्दा रहा। पाक, भारत के इस कदम से चौंका गया है। एक बार सिस्टम शुरू हो जाए तो... एक बार सिस्टम शुरू हो जाए तो, भारत में एक उन्नत प्रणाली होगी जो हमें पाकिस्तान के मध्यम रेंज बैलिस्टिक मिसाइलों से बचा सकती है। यह बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा प्रणाली सबसे महत्वपूर्ण और तकनीकी रूप से जटिल स्वदेशी रक्षा परियोजनाओं में से एक है। कुछ इस तरह हुआ...

भूल गएं अपने स्मार्टफोन का पैटर्न..? तो ऐसे करें अनलौक

अगर आप अपने स्मार्टफोन का पैटर्न भूल गये हैं तो घबराइये नहीं क्योंकि आज हम आपकी इस समस्या का समाधान लेकर आए हैं. इस ट्रिक से आप फोन के लौक को आसानी से रिकवर कर सकते हैं. हममें से कई लोग अपने स्मार्टफोन पर लौक लगाकर रखते हैं. ताकि कोई तीसरा हमारे प्राइवेट मैसेज, कौन्टैक्ट या फोटो को देख ना सके. इसके लिए हम अपने फोन पर पैर्टन लौक या फिर पासवर्ड का इस्तेमाल करते हैं. ऐसे में कभी कभी होता है कि हम अपने फोन का पासवर्ड या लौक पैटर्न भूल जाते हैं. इसके साथ ही अगर किसी ने आपसे छुपकर आपका पासवर्ड या पैटर्न लौक बदल दिया तो आप मुश्किल में पड़ सकते हैं. ऐसे में आप अपना ही डाटा एक्सेस नहीं कर पाएंगे. यहां हम आपकी इसी समस्या का समाधान लेकर आए हैं. इस ट्रिक से आप फोन का पैटर्न लौक या पासवर्ड भूल जाने पर उसे आसानी से रिकवर कर सकते हैं. कैसे करें अनलौक Agar aap ke paas Samsung ka devise he to aap my Samsung account.com pr login kr le hoga uske liye aap apne Gmail I'd ka istemal kr sakte he lekin dhayan rhe rhe aap ka Gmail I'd us phone me login rahna chahiye uske baa...

6 Astonishing facts about the Earth

6 Amazing facts about the Earth 1. The earth is not round No, no - I am not a member of the flat earth society. Earth is a field, but due to its force of gravity this is not a great cycle. In fact, due to this there are a wave around the equator, the Earth's polar radius is 3,949.99 miles, while its equatorial radius is 3,963.34 miles. 2. The name "Earth" comes from Anglo-Saxon Every other planet in our solar system has been named after the Greek or Roman God, which is to leave our planet. The word Earth comes from the Anglo-Saxon word erda, which means "ground" or "soil" and it is considered to be 1,000 years old. Ironically, the planet is covered with 71% water - the only planet that we know in the entire universe that the liquid form is of this precious fluid. 3. There are no 24 hours in a day People often claim that there are not enough time in the day and they are right - even not 24. That's right, the real time it takes the planet...

परमाणु हथियारों के 10 ख़ास तथ्य

आज के समय में हर छोटा-बड़ा देश अपनी सुरक्षा के लिए कुछ न कुछ हथियारों का इस्तेमाल जरूर करता है। विश्व में कई प्रकार की युद्ध सामग्री तैयार हो चुकी हैं, जिनमें से एक है परमाणु बम। हम आपके सामने इस बम की कुछ ख़ास बातों को पेश कर रहे हैं - 1.परमाणु बम का निर्माण मैनहट्टन परियोजना में हुआ था। इस परियोजना के निदेशक ‘Robert Oppenheimer’ थे जिन्हें परमाणु बम का जनक भी कहते हैं। 2.न्यूक्लियर युद्ध सामग्री को ले जाने वाली मिसाइलों की गति सात किलोमीटर प्रति सेकेंड होती है। 3.वर्तमान वक्त में संसार भर के कुल एटमिक युद्ध सामग्री की संख्या 15000 से अधिक है। 4.अपने परमाणु हथियारों पर सबसे अधिक खर्च करने वाला देश संयुक्त राज्य अमेरिका है। 5.परमाणु बम के विस्फोट की जगह से 1.5 किमी दूर रहने पर जितना रेडियेशन आपके शरीर में पहुचेगा, उतना ही रेडिएशन सीटी स्कैन के दौरान आपके शरीर में जाता है। 6.परमाणु बम दो सौ चालीस से दो सौ अस्सी डेसीबल तक आवाज पैदा करता है, जबकि इंसान द्वारा सुनने की क्षमता 120 डेसीबल तक ही होती है। 7. साल 1958 में,एक अमेरिकी परमाणु बम जार्जिया के सागर तट से खो गया था जो वर्ष ...

चांद तक पहुंचने में कितना वक्त लगता है

धरती ऊपर से दिखता सफेद रंग का सुंदर चांद पृथ्वी से 3,84,400 किलोमीटर दूर है। इसलिए हमें धरती से यह छोटा दिखता है। हालांकि अब वैज्ञानिक चांद पर जा कर आ गए हैं और चांद की जमीन कैसी है? वहां पर क्या क्या चीज है? वहां पर कोई रहता है या नहीं ? क्या यहां से दिखता हुआ चंदामामा बर्फ से ढका हुआ है क्या? यह सारे प्रश्न का जवाब हमें मिल गए हैं। दूर से दिखते चंदामामा तक पहुंचने में कितना वक्त लगता है आइए हम जानते हैं। सबसे पहले 1959 में रसिया द्वारा पहला स्पेसक्राफ्ट चांद पर भेजा गया था यह प्रथम स्पेसक्राफ्ट लूना-1 34 घंटे में चांद पर पहुंचा था। उसके बाद भेजा गया अपोलो-11 3 दिन, 3 घंटे उन 49 मिनट के बाद जान पर पहुंचा था। लूना 110 से 6000 किलोमीटर दूर रहा था। जब की नासा प्लूटो मिशन में आधुनिक तकनीक और हाई स्पीड का यूज करके हमको मात्र 8 घंटे और 35 मिनट में चांद तक पहुंचा दिया गया था। यह सबसे कम समय का रिकॉर्ड है। चांद के बारे में और भी कुछ आकर्षक बातें हैं जो जानने मैं आपको दिलचस्पी होगी। चांद गोल नहीं बल्कि अंडाकार है। चांद अगर धरती से गायब हो जाए तो धरती पर दिन महज घंटे का हो जाएगा। चंद्र की गुरु...

'Hey Google' कमांड से चलेगा गूगल असिस्टैंट

'Hey Google' कमांड से चलेगा गूगल असिस्टैंट' अपने वॉइस कमांड 'Hey Siri' के जरिए ऐपल और iOS दोनों काफी मशहूर हुए थे और यूजर्स में इसे लेकर काफी क्रेज भी देखा गया। काफी समय बाद अब गूगल भी ऐपल के इस खास फीचर को चुनौती देने की तैयारी में है। इसके लिए गूगल ने अपना एक नया सॉफ्टवेयर गूगल असिस्टैंट लॉन्च किया है। पहले कहा जा रहा था कि इसके लिए गूगल 'OK, Google' कमांड का इस्तेमाल करगा। लेकिन इसमें कुछ कठिनाइयों को गूगल ने पहले ही भांपते हुए नया वॉइस कमांड 'Hey, Google' उतारा है। फिलहाल यह फीचर सभी यूजर्स के लिए उपलब्ध नहीं है लेकिन जल्द ही इसे सभी गूगल असिस्टैंट यूजर्स के लिए लाया जाएगा। कैसे मिलेगा फीचर इस कमांड को पाने के लिए आपको अपना गूगल ऐप प्ले स्टोर से अपडेट करना होगा। ऐप अपडेट होने के बाद आपको नोटिफिकेशन आएगा, जिसमें आपसे 'Hey, Google' को ट्राई करने के लिए पूछा जाएगा। इस पर टैप करके आप गूगल असिस्टैंट को यूज कर पाएंगे। अपनी आवाज को अपनी आवाज की पहचान करवाने के लिए यह तरीका अपनाएं। Setting->Phone->Ok->Google detection->Voice M...